नमस्कार दोस्तों अक्षय तृतीया के बारे में आपने जरूर सुना होगा! लेकिन क्या आप इस मंगल पर्व का महत्व जानते है? यह क्यों मनाया जाता है?
दोस्तों अक्षय तृतीया पर्व इस वर्ष 18 अप्रेल यानी कल के दिन बुधवार को मनाया जा रहा है!
अक्षय तृतीया पर्व को कई नामों से जाना जाता है! इसे अखतीज और वैशाख तीज भी कहा जाता है! इस पर्व को देश के खास त्योहारों की श्रेणी में रखा जाता है! अक्षय तृतीया पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाया जाता है! इस दिन स्नान , दान , जप , होम , विवाह एवं अनेक मांगलिक कार्य मनाये जाते है!
अपने सामर्थ्य के अनुसार जितना भी किया जाए , अक्षय रूप में प्राप्त होता है! अक्षय तृतीया कई मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है! ग्रीष्म ऋतू का आगमन , खेतों में फसलों का पकना और उस ख़ुशी को मानते खेतिहर व् ग्रामीण लोग विभिन्न व्रत , पर्वों की साथ इस तिथि का आगमन होता है!
अक्षय तृतीया के दिन धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु के तीन शुभ रूपों का अवतरण भी इसी अक्षय तृतीया के दिन हुआ था! माना जाता है की जिनके अटके हुए कार्य नहीं बनते या जिनके व्यापार में लगातार घाटा हो रहा हो तथा किसी कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं मिल पा रहा अथवा कोई भी नई शुरुआत करने के लिए अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है!
इस दिन स्वर्ण के आभूषणों की खरीद को भाग्य की शुभता से जोड़ा जाता है!
अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व...
इस
इस दिन स्वर्ण के आभूषणों की खरीद को भाग्य की शुभता से जोड़ा जाता है!
अक्षय तृतीया का पौराणिक महत्व...
इस
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